Gazal Hindi

कुछ् ना कहेना चुप रहेना

कुछ् ना कहेना चुप रहेना ये भी एक इम्तिहान है
आखो में नमी हँसी लबो पर ये एक इम्तिहान है

दिल में उठते गुबारे और आहे भरना क़यामत है
रहकर जिंदा हरपल मरना ये एक इम्तिहान है

जाकर भरी महेफिल में खुद तनहा रहेना आदत है
खिले रंग छोड़, सूखे फूल चुमना एक इम्तिहान है

दिन भर सोचना रातो को जागना वो फितरत है
छोड़कर चिलमन आप जलना एक इम्तिहान है

उसपे मर मिटने की यारों जो अगर इजाजत है
उनके कंधो पर चड़कर जाना एक इम्तिहान है

~ रेखा पटेल ‘विनोदिनी’

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.