Sunday Story Tale’s – आख़री ख़त

तुम्हे पता ही है की प्यार शब्द से ही मुझे घिन आती है ! जब मैंने पहलीबार तुम्हे ये बताया था तब तुम मुज पर कितना हसे थे…! और मेरी बात सुनने की जगह खुद ही मुझे सुनाने लगे। तुमने कहा था की, किसीको प्यार से डर या नफरत हो ही नहीं सकती…

Sunday Story Tale’s – ईद मुबारक

उस दिन मनभर कर अम्मी ने अपने हाथों से हमें ख़िर खिलवाई। और ईद के दिन तो वो खुद कहने लगी कि, ‘आज तो ख़िर में से राजीव को भी हिस्सा नहीं मिलेगा। क्योंकि आज सारी की सारी ख़िर मैंने सिर्फ फरहाद के लिए बनाई है !’ और उसी प्यार से उन्होंने अपने हाथों से ख़िर खिलाई और कहा, ‘ईद मुबारक हो फरहाद।’

Sunday Story Tale’s –फोटो आल्बम

शादी के कुछ सालों बाद घर छुट गया, शहर छुट गया, कुछ अपना सा टूट गया। वो बचपन, बचपन की साथ बिताई यादे, सब अब धुंधला धुंधला याद है ! और उसकी निशानी के तौर पर अब सिर्फ मेरे पास हमारे बच्चे हैं, और है ये फोटो आल्बम – हमारी शादी का !