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फ़ाधर्स डे २०२० : पिता को समर्पित खास दिवस का इतिहास और महत्व

कहा जाता है कि जिनके सर अपर मां और पिता का साया नहि होत उन्हि को इनका सहि अर्थ मालुम होता है। लेकिन स्ब जानते है कि जिनके सिर पर हो, वे बहुत ही खुशनसीब होते हैं। जिस तरह मां के सम्मान में पूरी दुनिया मदर्स डे के रूप मे मातृ दिवस मनाती है, उसी तरह पिता के सम्मान में फादर्स डे यानी की पितृ दिवस को भी मनाया जाता है। विश्व के कई देशों में अलग-अलग तारीख और दिन पर इसे मनाया जाता है। लेकिन भारत सहित कई देशों में जून महीने के तीसरे रविवार के दिन हि फादर्स डे मनाया जाता है। इस बार का Father’s Day 2020 21 जून को यानी की आज के दिन आता है। इस दिन को लोग अपने पिता के प्रति प्रेम, आदर और सम्मान प्रकट करते हुए सेलिब्रेट करते हैं। पिता को उपहार ओर खुश करने का प्रयास किया जाता है।

वर्ष मे इस दिन जन्मदिन हो या न् हो लेकिन लोग अपने पिता से केक भी कटवाते हैं, अपने पिता को उपहार भी देते हैं। इसी प्रकार से पिता को खुश करने के लिये बच्चे तरह-तरह की चीजें, जो पिता को पसंद हो, उस प्रकार के प्रयत्न एवं खानपान और कार्यक्रमों से उनका यह दिन सामान्य दीनो से अधिक खास बनाने का पुरा प्रयास करते हैं। चुकी कोरोना ओर लोकडाउन का माहौल चल रहा है अन्यथा बहुत से लोग इस दिन अपने पिता के साथ बाहर कहि घूमने चले जाते हैं। हालांकि इस बार कोरोना के बीच घर में रहकर ही फादर्स डे सेलिब्रेट करना ज्यादा सुरक्षात्मक और बेहतर माना जा सकता है।

जीवन मे पिता का महत्व

मां की ही तरह हमारे जीवन में पिता का महत्व भी बेहद खास ओर अतुल्य होता है। अगर मां हमारी जन्मदाता हैं, तो वही दुसरी ओर पिता हमारे पालनहार होते है। पिता भले ही ऊपर से हर वक्त हमारे प्रति सख्त बर्ताव देखाते है, लेकिन अंदर से वह अपने बच्चों के प्रति बहोत नर्म ही होते हैं। शायद यही वजह है की पिता के प्रेम को नारियल की तरह कहा जाता है। क्योकि वह पिता ही तो है, जो हमारा भविष्य बनाने के लिए अपने सपनों और ख्वाहिशों को भी भूल जाते हैं। यहा तक की वे संतान के सपने पुरे करने के लिये सबकुछ करने को तैयार हो जाते हैं। वैसे तो यह सब समझाना पुरी तरह से व्यर्थ ही हे क्योकि पिता का महत्व शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

फादर्स डे के पीछे इतिहास

आपको बता दे की फादर्स डे मनाने की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। इस दिन को मनाने की प्रेरणा साल 1909 में मदर्स डे से मिली थी। वॉशिंगटन के स्पोकेन शहर में सोनोरा डॉड ने जब अपने पिता की याद में इस दिन की शुरुआत की थी। तब साल 1909 में वॉशिंगटन के स्पोकेन के ओल्ड सेंटेनरी प्रेस्बिटेरियन चर्च में मदर्स डे पर एक उपदेश दिया जा रहा था, ओर इसी उपदेश के बाद से डोड को लगा कि मदर्स डे की ही तरह फादर्स डे भी मनाया जाना चाहिए। क्योकि हमारे जीवन मे सिर्फ़ माता नहि बल्कि पिता का महत्व भी अत्यधिक होता है। पिता के बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है। इस विचार के साथ उसने इस दिन के बारे मे मन बना लिया था।

अमेरिकन राष्ट्रपति का योगदान

बात है साल 1916 की, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने फादर्स डे मनाने के इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की थी। वहीं साल 1924 में उस समय के तत्कालीन राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने भी इसे सामान्य उत्सव न् मानकर इसे राष्ट्रीय आयोजन घोषित कर दिया था। उसके बाद साल 1966 में वहा के तत्कालीन राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने पहली बार इस खास दिन को हर साल मनाने का निर्णय लिया ओर हर वर्ष जून के तीसरे रविवार को इस दिवस के तौर पर मनाए जाने का फैसला भी किया।

एक यह कहानी भी है

फादर्स डे को विश्व के कई देशों में अलग तारीखों पर मनाया जाता है। बिल्कुल भी एसा नहि है की आज ही के दिन हर कोइ फ़ादर्स डे मनाता है। अमेरिकी इतिहास की आम धारणा के विपरीत यह भी कहा जाता है कि पश्चिम वर्जीनिया के फेयरमोंट में 19 जून 1910 को फादर्स डे मनाया गया था। जबकि इससे पहले भी छह दिसंबर 1907 को मोनोंगाह, पश्चिम वर्जीनिया में एक माइन्स दुर्घटना में मारे गए 210 पिताओं के सम्मान में पिताओ को समर्पित एक खास दिवस का आयोजन किया गया था। आपको यह भी बता दे की आज भी प्रथम फादर्स डे चर्च सेंट्रल यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च के नाम से फेयरमोंट में मौजूद है।

अगर आप पुरुष है लेकिन पिता नहि

एक हेरत की बात बताये, अगर आपको लगता है कि आप पुरुष है लेकिन पिता नहि तो क्या आप के सन्मान मे कोइ दिवस मनाया जाता है। तो हा आपको बता दे की फादर्स डे के अलावा, कई देशों में 19 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस भी मनाया जाता है, उन पुरुषों और लड़कों के सम्मान में जो पुरुष है लेकिन पिता नहीं हैं।

बहरहाल, कोरोना महामारी काल में इस बार फादर्स डे घर में ही मनाएं और सुरक्षित तरीके से मनाएं। सर्जक परिवार की ओर से आप सभी को पितृ दिवस की अनेक शुभकामनाए।

~ सर्जक 

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