Gazal Hindi

किसने कहे दिया फुलोसे

किसने कहे दिया फुलो से ही गुलदस्ता बनता है
तुम्हारे आने से आलम सारा फूलो सा महेकता है

जब अपनो का साथ हो हर दर्द दवा बनती है
दिलोमे हो प्यार तो हर झर्रा खूश्बु से भरता है

जहां भर की भले ही हमने शेरो शायरी की है
मगर तेरे अलफाज मे परिन्दा चहकता है

सुना है लोगो तेरे घर को चमन समज लेते है
फुल, पती, तितलिओ का तेरे धर डेरा सजता है

निहायत मासूमियत तेरे चहेरे से जब बिखरती है
हो पूर्णिमा फिरभी जलनसे चाँद सावला लगता है

तुजे बनाके शिद्दत से खुदाने चेन की सांस ली है
इस लिये जन्न्त की हुर से चहेरा तेरा मिलता है

पहेचान हमारी तुम्हारे नाम से ऐसे जुद गइ है
कोई भी पुकारले दिल आवाज तुम्हारी सुनता है

फासलो की अब मत सोचो रीश्ते दिल से जुडते है
प्यार सच्चा है तो जुदाइ मे भी अकसर बढता है

~ रेखा पटेल ‘विनोदिनी’

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