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  • महाभारत : पांडवो की तीर्थ यात्रा

    महाभारत : पांडवो की तीर्थ यात्रा

    धर्मराज युधिष्ठिर ने उनका लोमश ऋषि का यथोचित आदर-सत्कार करते हुए स्वागत किया और उन्हें उच्चासन भी प्रदान किया। लोमश ऋषि युधिष्ठीर की चर्चा के बारेमें जानते थे इस लिए उन्होंने समजाया की पांडवगण आप लोग अर्जुन की चिंता बिलकुल न करे, वह पूर्णत सहकुशल हे।

  • इस आगन मे, ना आयेगी

    इस आगन मे, ना आयेगी

    ‘काजल’ जीदगी की जगह दे देते है मौत। दे देते है मौत ..मौत #sarjak #poets #poetry #gazal #poetscorner #hindi #kiranshah #kajal

  • आपकी आवाज के तलबगार

    आपकी आवाज के तलबगार

    आपकी आवाज के तलबगार है हम। एक आपकी नजर के प्यासे है हम। #sarjak #poets #poetry #gazal #poetscorner #hindi #kiranshah #kajal

  • अेक मनचाही तस्वीर हो तुम

    अेक मनचाही तस्वीर हो तुम

    अेक मनचाही तस्वीर हो तुम। शायद मेरी खुल्ली हुइ आंखो की चाहत हो तुम। #sarjak #poets #poetry #gazal #poetscorner #hindi #kiranshah #kajal

  • जींदगी ओ जींदगी कीतने रुप तेरे

    जींदगी ओ जींदगी कीतने रुप तेरे

    जींदगी ओ जींदगी कीतने रुप तेरे, समजना पाया आजतक कोइ। #sarjak #poets #poetry #gazal #poetscorner #hindi #kiranshah #kajal

  • लगता है चैन खो के

    लगता है चैन खो के

    लगता है तुम्हे बी कीसी केप्यार के मरीज बना गया के बन गए तुम। #sarjak #poets #poetry #gazal #poetscorner #hindi #kiranshah #kajal

  • आज आईने से रूबरू हुऐ

    आज आईने से रूबरू हुऐ

    आज सोचा चलो मैं खुद आईना बन जाऊ अपना चेहरा बहोत देखा, सबका चहेरा पढ़कर देखू

  • हाथोंकी इन लकीरोमें

    हाथोंकी इन लकीरोमें

    कुछ बात संभालते हम, और कही संभल जाते ना दुखोंकी बाढ़ आती, ना सुखोंकी बलि होती

  • हर सोचसे कहती हूँ

    हर सोचसे कहती हूँ

    तुम्हे पाकर हर जिक्र में जहाँ पा लिया था हर सुबह फिर खोकर वो अब सब्र जताती है.

  • हर चाहत पूरानी हो

    हर चाहत पूरानी हो

    मिले अगर खुदा कही खुदको मांग लूँ हर बार शाम सुहानी हो जरुरी तो नहीं.

  • हम पर भरोसा

    हम पर भरोसा

    आशिकी का शोख आपका बहोत पुराना मालुम न था युँ हमें आपका आजमाना

  • कुछ करने से पहले, मरना मत.

    कुछ करने से पहले, मरना मत.

    आहार, निंद्रा, भय, मैथुनमें पूरा जग फसता हैं तुं सिर्फ उसमे फसना मत

  • हम अंदाज़ बदलते है

    हम अंदाज़ बदलते है

    हमनें दी आज़ादी सबको, आज़ाद रहना सीखा लिया नहीं करेंगे अब हम,

  • सुनाऊँ धड़कन का ताल

    सुनाऊँ धड़कन का ताल

    मै सिर्फ हुँ परछाई, इसी दिल में तुम पले हो पैरो पे तेरे किये है सजदे,दुआ में तुम भरे हो

  • सायबा मोहे रंग

    सायबा मोहे रंग

    सायबा मोहे रंग दे रे, थोडो सो म्हारे तू झांक रे. बाज्यो तो धमाधम ढोल रे,

  • वाह रे तेरी खुदाई !!!

    वाह रे तेरी खुदाई !!!

    जुदा करने वाले को भी दुरिया खलती है कभी गर्मी में आग और बर्फ होकर सर्दियो में बरसा वो कभी

  • लगता है बरखा की ऋतु आ गयी

    लगता है बरखा की ऋतु आ गयी

    रिमज़िम घुंघरू बाँध के देखो धूम बरसाने लगी.. छोड़कर शर्मो हया धरती बिन छाता नहाने लगी ..

  • ये बारिस का

    ये बारिस का

    कही चाय का मज़ा कही शराबका नशा देता है कही जाकर टपकता ताड़पत्री का छप्पर घोता है

  • ये प्रेम चीज क्या है ?

    ये प्रेम चीज क्या है ?

    जबी उसे पहेली बार देखा तब उसी क्षण अहेसास हुआ बस यही है मेरी जीवन डोरी,

  • ये उन दिनोंकी बात है

    ये उन दिनोंकी बात है

    आज बहुत कुछ कहेती हूँ इससे ज्यादा लिखती हु मैं.

  • यूँ सालों बित गए

    यूँ सालों बित गए

    बारिशमें भीगना ठीक है, हम तो ओसमें भीगे है, हॅसते रोना, रोते हॅसना, यही जीवनकी मांग है.

  • यूँ तो जिंदगी तुजे

    यूँ तो जिंदगी तुजे

    जो भी खिला है आज वो एक दिन बिखर जाएगा जाते जाते अगर सुवास दे जाये शिकायत नहीं है

  • यह क्या एक सपना है?

    यह क्या एक सपना है?

    यह क्या एक सपना है? कि फिर कोई हकीकत है .

  • मैने खुदा से पूछा

    मैने खुदा से पूछा

    प्रभु सबसे बडी मिठास किसमे है? जवाब मिला जहाँमें प्यारका अहसास जगाना.


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