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Education

महाभारत : पांडवो का वनवास और अज्ञातवास

जब से इन्द्रप्रस्थ भोज के लिए कौरव और सबको आमंत्रित किया गया था, तब से ही इन्द्रप्रस्थ की चकाचोंध देखकर दोर्योधन हक्काबक्का सा रह गया था। खांडववन को इन्द्रप्रस्थ बनाया जा सकता था इसकी कल्पना भी शायद दुर्योधन ने नही की थी।

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महाभारत : लक्ष्याग्रह षडयंत्र

दुर्योधन कतई यह नहीं चाहता था कि युधिष्ठिर हस्तिनापुर का राजा बने, अतः उसने अपने पिता धृतराष्ट्र से कहा की “पिताजी यदि एक बार युधिष्ठिर को राज सिंहासन प्राप्त हो गया, तो यह राज्य सदा के लिये पाण्डवों के वंश का हो जायेगा

महाभारत : एकलव्य कि गुरुभक्ति

एकलव्य को सदा ही एक उपेक्षित शिष्य के स्वरूप इतिहास यद् करता आया हे। यहाँ तक की आज भी हम शिक्षा के कई तरह के वार्तालाप के दरमियान एकलव्य और गुरु द्रोण के द्रष्टांत दर्शाते रहेते हे।

महाभारत : कर्ण का जन्म

कर्ण का लालन पालन बड़े स्नेह में होता रहा। उसका एक छोटा भाई भी था, जो कर्ण के बाद राधा की कोख से जन्मा था। कुमार अवास्था से ही कर्ण की रुचि अपने पिता अधिरथ के समान रथ चलाने कि बजाय युद्धकला में अधिक थी। उसने इसी वजह से युध्ध कला में अभ्यास शुरू किया।

महाभारत : पाण्डु बने हस्तिनापुर के राजा

ऋषि-मुनियों की बात सुन कर पाण्डु अपनी पत्नी से बोले, हे कुन्ती अब लगता हे की मेरा जन्म लेना ही वृथा हो रहा है। क्योंकि सन्तानहीन व्यक्ति पितृ-ऋण, ऋषि-ऋण, देव-ऋण तथा मनुष्य-ऋण से मुक्ति नहीं पा सकता। क्या तुम पुत्र प्राप्ति के लिये मेरी सहायता कर सकती हो?

महाभारत : धृतराष्ट्र, पाण्डु ओर विदुर का जन्म

माता सत्यवती को यह सब सुन कर अत्यन्त दुःख हुआ। लेकिन वह इस बारे में कुछ नही कर शकती थी। अचानक ही उन्हें अपने पुत्र वेदव्यास का स्मरण हो आया। सत्यवती के अंतरमन से स्मरण करते ही वेदव्यास स्वयं वहाँ उपस्थित हो गये।

ચંદ્રકાંત બક્ષીનું કટારલેખન : એસિડ કરતા પણ કોઈ વસ્તુ જલદ છે તો એ….

પહેલા એક પ્રકારની ઉતાવળ રહેતી. છાપું આવતું અને ઘરના કોઈ પૂર્તિની વર્જિનીટી ભંગ કરે તે પહેલા પૂર્તિને તફડાવવાના પ્રયત્નો રહેતા. એ પ્રયત્ન જો સફળ જાય તો ગંગા નહ્યા કહેવાઈએ.

महाभारत : द्रोणाचार्य ओर कृपाचार्य

गौतम ऋषि के पुत्र का नाम शरद्वान था। ओर सबसे महत्व पूर्ण की उनका जन्म बाणों के साथ ही हुआ था। इसका वर्णन हमे महाभारत के आदि पर्व में मिलता है। जन्म से ही वे कुछ अलग व्यक्तित्व के धनी थे। किसी कारण से उन्हें वेदाभ्यास में अन्य बालको की तुलना में जरा भी रुचि नहीं थी,

महाभारत : कुरु वंश की उतपत्ति

लेकिन हमारा इतिहास यानी कि महाभारत की कहानी तब शास्त्र से वर्णित है, जब से कुरु के वंश में शान्तनु का जन्म हुआ था। ओर इन्ही शान्तनु से गंगा नन्दन भीष्म उत्पन्न हुए है।

અચ્છે દિન કેસે આયેંગે : ભારત-વિશ્વ અને વિશ્વ નાગરિકોનું સ્વાસ્થ્ય

આપણે કઈ સ્વસ્થ બનવા માટે સંન્યાસી બની જવું ફરજીયાત નથી. ફક્ત વ્યસનોને અને સ્ટ્રેસને દૂર રાખીને ખાઈ-પીને (લિમિટમાં) જલસા કરવાના છે.

રમણલાલ શાહનો એક ઈન્ટરવ્યૂ : બાળસાહિત્યમાં આપને શા માટે રસ પડ્યો ?

રમણલાલ શાહે ‘બાલજીવન’ મેગેઝિન સંભાળ્યું હતું. હવે તો બાળસાહિત્યના મેગેઝિનો ક્યારે દેવહુમાની માફક બેઠા થાય તેની રાહ જોવાઈ રહી છે.

ગુજરાતી V/S અંગ્રેજી : ટ્વિંકલના લિટલ સ્ટાર્સ સામે હાથમાં સોટી લઈને ઝઝુમતુ રીંછ!

કાઠીયાવાડની ધરતી પરથી આવતો હોવાથી તળપદા શબ્દો પ્રત્યે થોડો વધારે જ પ્રેમ હોવાથી એનો ઉપયોગ કરીને શબ્દમૈથુન સોરી શબ્દરમતો કરતો હોઉં છું.