Gazal Hindi Poet's Corner

बहोत जी लिया

बहोत जी लिया तेरे होने का झूठा भरम पाले
अब यु बेवजाह दिल को बहलाते हम नहीं

जाना ही था दूर तो क्यों नजदीकियां बढ़ाई
अब तुझको माफ़ कर दे ऐसे भी बेशरम नहीं

अब जबभी आना तुम नया चहेरा साथ लाना
वरना तुजको पलभर ना छोड़ेगे, इसमे वहम नहीं

येँ आँखे तेरी जुदाई को अब भी प्यार करती है
आंसूकी भाषा ना समजे इतने बड़े बेरहम नहीं

रूह से हर रूह की पहचान कोइ मुश्किल नहीं
पर सुकून से सोई हुई रूह को जगाते हम नहीं

~ रेखा पटेल ‘विनोदिनी’

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.