Gazal Hindi Poet's Corner

तुम इतनी मोहब्बत

तुम इतनी मोहब्बत करो हम संभल जाये
दम निकले नहीं और जरा हम बहल जाये

तुम इतने पास आओ एक जान हो जाये
रूह की इतनी गरमी ना दो पिघल जाये.

ईन सासों की गुलाबी महक में घुल जाये
ऐसा ना हो अब हम गुलाब में बदल जाये.

अजीब ढूढ़ते हो की हम गज़लों मिल जाये
सोचलो कही तुम्हारे शेरो में ना ढल जाये.

बस ऐसी मोहब्बत करना के हम जी जाये
चाहे पास रहे या दूर मुहब्ब्त ना भूल जाए .

~ रेखा पटेल ‘विनोदिनी’

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