Hindi Poetry

दिलको चाहिये…

दिलको चाहिये…
बस थोड़ी ख़ुशी थोड़ा वक्त.
थोड़ी चाहत सपनो के संग,
झूमती मस्ती हवाओँ संग.
ओस सी नमी यादो के रंग.
ज्यादा नहीं बस इतना चाहियॆ.
कभी बनकर फूल की सुरभि,
में उडती रहू हवाओं संग.
बादलों सी बनकर बस,
मुझे उड़ाना उड़ते पंखो सँग.
जीने को इतना काफी है.
बस दिलको इतना चाहियॆ …

~ रेखा पटेल ‘विनोदिनी’

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